कलेक्टर कैसे बनें? Collector kaise banen in Hindi

Hello friends, careerinhindi में आपका स्वागत हैं | आज की हमारी इस पोस्ट “कलेक्टर कैसे बनें? Collector kaise banen in Hindi” में आपको वे सारे सवालों के जवाब मिल जायेंगे जो आपके कलेक्टर बनने के सपने को पूरा कर सकेंगे.| तो यदि आप भी चाहते   हैं कि आप कलेक्टर बनें तो इस पोस्ट को ध्यान से पढ़े और जो बताया गया है उस अनुसार योजना बनायें. ताकि आप आपकी मंजिल तक पहूँच सकें |

कलेक्टर कैसे बनें? Collector kaise banen in Hindi

कलेक्टर कौन होता हैं, कलेक्टर के कार्य

आज हम पढ़ने जा रहे रहें कि कलेक्टर कैसे बनें, लेकिन उसके पहले हमें यह जानना जरुरी हैं कि कलेक्टर कौन होता हैं और इसके क्या काम होते हैं आदि | कलेक्टर कैसे बनें? Collector kaise banen in Hindi

कलेक्टर किसी जिले का सबसे बड़ा प्रसासनिक अधिकारी होता या यूँ समझिये कि कलेक्टर किसी जिले का मालिक होता हैं |. जिले में स्थिति लगभग हर विभाग कलेक्टर के अधीनस्थ होते हैं. |  जिले में हर छोटे-बड़े निर्णय कलेक्टर को लेना होते हैं | जैसे : आपदा प्रबंध, सरकारी योजनायों को लागु करवाना, ऋण वितरण, कर्ज वसूली, कर वसूली, भूमि अधिग्रहण, भूमि मूल्यांकन, आम जानता की समस्या का निदान करना आदि कई कार्य होते हैं जो कलेक्टर को करना होते हैं.इसके साथ साथ मुख्य कार्य कानून व्यवस्था को बनाये रखना एवं जिले की जानकारी सरकार को देना भी कलेक्टर या जिला मजिस्ट्रेट के मुख्य कार्यों में से एक हैं |.

कलेक्टर बनने के लिए क्या करें?

  1. सबसे पहले आप अपना ग्रेजुएशन पूरा करें |
  2. यूपीएससी द्वारा आयोजित सी.एस.ई. दें |

ग्रेजुएशन आप किसी भी विषय में पूरा कर सकते हैं लेकिन ध्यान रहें आपको यदि कलेक्टर या आईएएस अधिकारी बनना हैं तो उसके लिए आपको आपका पढाई का स्तर काफी उचां रखना होगा.| आपको 12th बाद से ही आप जिस विषय में ग्रेजुएशन कर रहें हैं उसके हर विषय को गंभीरता से अध्यन करना होगा.| यदि आप ग्रेजुएशन में सिर्फ पास होने मात्र के लिए पढाई करेंगे तो आपको UPSC की तैयारी में काफी मशक्कत करना पड़ेगी.| इसलिए प्रारंभ से हे हर विषय, हर चेप्टर को गहराई से समझने की कोशिश करें |

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कलेक्टर बनने के लिए कौनसी परीक्षा देना पड़ती है?

जैसा कि मैं ऊपर भी बता चूका हूँ कि कलेक्टर बनने के लिए आपको यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सर्विस एग्जाम (CSE) देना होती हैं जो कि आप ग्रेजुएशन के बाद कर सकते हैं.| ग्रेजुएशन पूरा होने का इन्तेजार ना करते हुए आप ग्रेजुएशन के साथ ही यूपीएसई की तैयारी करना प्रारंभ कर दें.| यह परीक्षा ग्रैड 1 के अधिकारीयों की भर्ती के लिए होती है तो जाहिर सी बात हैं कि यह आसान तो होगी नहीं और कॉम्पीटीशन भी बहुत होगा.|

सिविल सर्विस एग्जाम तीन चरणों में आयोजित होती हैं |

  1. प्रारंभिक परीक्षा/Preliminary Exam : अक्सर यह परीक्षा जून – जुलाई से अगस्त के बीच होती हैं | इस परीक्षा में 2 पेपर होते हैं पहला सामान्य अध्यन तथा दूसरा सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूड टेस्ट का | ये दोनों पेपर 250-250 अंकों के होते हैं | यदि आप इन्हें पास कर लेते हैं तो आपको मुख्य परीक्षा देना होती हैं |  नोट : इस परीक्षा के अंको को  मुख्य   परीक्षा परिणाम में नहीं जोड़ा जाता है |
  2. मुख्य परीक्षा/Main exam : इस परीक्षा में मुख्यतः 9 पेपर होते हैं जो इस प्रकार हैं
    1. भारतीय भाषा : इसमें कुल 18 भाषाओँ में से आप एक भाषा चुन सकते हैं |.यह पेपर 200 अंको का होता हैं और इसके अंक भी मुख्य परीक्षा परिणाम में नहीं जोड़े जाते हैं |
    2. अंग्रेजी : यह पेपर भी 200 अंको का होता है एवं इसके अंक भी मुख्य परीक्षा में नहीं जोड़े जाते |
    3. निबंध : इस पेपर में आपको दिए गए 2 विषयों पर निबंध लिखना होता हैं |.यह पेपर कुल 250 अंकों का होता हैं |
    4. सामान्य अध्यन कुल अंक 250
    5. सामान्य अध्यन कुल अंक 250
    6. सामान्य अध्यन कुल अंक 250
    7. सामान्य अध्यन कुल अंक 250
    8. यह पेपर का विषय विकल्पिक होता है जो आप चुन सकते हैं | यह 250 अंको का होता हैं |
    9. यह पेपर भी वैकल्पिक होता है एवं 250 अंको का होता हैं |
  3. साक्षात्कार : इसके बाद तीसरे चरण में साक्षात्कार होता हैं जिसमें मुख्य परीक्षा के रिजल्ट के मेरिट के आधार पर बुलाया जाता हैं| साक्षात्कार कुल 750 अंकों का होता हैं | कलेक्टर कैसे बनें? Collector kaise banen in Hindi

कलेक्टर बनने के लिए कोचिंग

हमारे देश के लगभग हर बड़े जिले में ऐसी कक्षाएं संचालित की जाती हैं जहाँ आप सरकारी नौकरी जैसे बैंक, रेलवे, एसएससी, यूपीएससी आदि की तैयारी करवाती हैं वहां आप इस परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं.| देश की राजधानी दिल्ली में ऐसी कई कोचिंग है जो पिछले.कई सालों से इन परीक्षाओं की तैयारी करवाती हैं |

जैसा कि मैंने ऊपर बताया कि कलेक्टर बनना इतना आसान नहीं हैं तो जाहिर सी बात है कि आपको पढाई के लिए समय निकालना पढ़ता हैं| .कोचिंग में करीब 3 से 4 घंटे पढ़ने के बाद आपको सेल्फ स्टडी भी करना होगी |

इस तरह उपरोक्त तीनों चरणों को क्लियर करने के बाद कलेक्टर बना जा सकता हैं.| आज की इस पोस्ट “कलेक्टर कैसे बनें? Collector kaise banen in Hindi” में फ़िलहाल इतना ही हम जल्द ही इस विषय पर अन्य पोस्ट लिखेंगे.| करियर से जुडी अन्य जानकारी के लिए आप हमारा facebook page .लाइक कर सकते हैं या हमें सब्सक्राइब कर सकते हैं |