Marine Archaeologist से बन सकते हैं एक कामयाब इंसान

क्या है मरीन आर्कियोलॉजिस्ट ?

सबसे पहले तो जान लेते हैं कि मरीन आर्कियोलॉजिस्ट ( Marine Archaeologist) आखिर है क्या ?

मरीन एक प्रकार की आर्कियोलॉजी (Archaeologist) की एक ऐसी ब्रांच है, जिसमें समुद्रों, नदियों, झीलों व पानी के अन्य स्रोतों के अंदर पाए जाने वाले अवशेषों या अन्य सामग्री के माध्यम से मानव जीवन के इतिहास की जानकारी हासिल कर, मानव इतिहास को समझने की कोशिश की जाती है, इसके पीछे का उद्देश्य होता है कि मानव जीवन और संस्कृति की सटीक जानकारी प्राप्त हो सके |

बता दें कि मरीन आर्कियोलॉजिस्ट (Marine Archaeologist) को अंडरवाटर आर्कियोलॉजिस्ट (Underwater Archaeologist) भी कहा जाता है | इसमें अपने देश या दुनिया के समुद्र, नदियों, झीलों व अन्य वाटर रिसोर्सेज के नीचे दबे अवशेषों, भवनों या खंडरों का खुलासा कर, उनका अध्ययन किया जाता है, इसके पीछे का कारण यह है कि उनसे संबंधित मानव इतिहास की सटीक जानकारी प्राप्त हो सके |

मरीन आर्कियोलॉजी (Marine Archaeologist) में मॉडर्न और लेटेस्ट तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है | इसके पीछे का कारण यह रहता है कि पेशेवरों का अधिकतर काम पानी की गहराई में ही होता है |

आर्कियोलॉजी में उपलब्ध हैं कई ग्रेजुएशन डिग्री कोर्स (Graduation Degree Course)

वैसे बता दें कि इस प्रकार की आर्कियोलॉजी में ग्रेजुएशन डिग्री कोर्स (Graduation Degree Course) उपलब्ध है | जिसके लिए स्टूडेंट्स (Students) द्वारा किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशनल बोर्ड (Educational Board) से साइंस स्ट्रीम (Science Stream) होना चाहिए और अच्छे मार्क्स के साथ 12वीं पास होना चाहिए |

इसी के साथ-साथ स्टूडेंट्स को हिस्ट्री की भी सटीक जानकारी होना ज़रूरी है | इस फील्ड में पोस्टग्रेजुएशन (Post Graduation) करने के लिए स्टूडेंट्स द्वारा किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी (University) से न्यूनतम 50% मार्क्स के साथ ग्रेजुएशन (Graduation) होना आवश्यक है |

बता दें कि कुछ यूनिवर्सिटीज़ एंट्रेंस एग्जाम को लेकर पोस्टग्रेजुएशन कोर्स में दाखिला प्रदान करती हैं |

डिप्लोमा कोर्स (Diploma Courses)

इसमें डिप्लोमा की बात करें तो इंडियन आर्कियोलॉजी डिप्लोमा (Diploma Courses) किया जा सकता है | वहीं, पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा की बात करें तो आर्कियोलॉजी डिप्लोमा किया जा सकता है |

अंडरग्रेजुएट कोर्सेज (Under Graduate Courses)

इसको लेकर अंडरग्रेजुएट कोर्सेज (Under Graduate Course) भी उपलब्ध हैं, इसमें बीए कोर्स में इंडियन हिस्ट्री, कल्चर एंड आर्कियोलॉजी ऑप्शन है | इसके दूसरा ऑप्शन बीए – आर्कियोलॉजी एंड म्यूजियोलॉजी है |

पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज (Post Graduate Courses)

इसके अलावा पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज (Post Graduate Course) भी उपलब्ध हैं | जिसमें एमए (MA) – आर्कियोलॉजी, एमए – एनशियेंट इंडियन हिस्ट्री एंड आर्कियोलॉजी और एमएससी (MSC) – आर्कियोलॉजी शामिल हैं |

डॉक्टरेट कोर्सेज (Doctorate Courses)

वहीं, इस फील्ड में डॉक्टरेट कोर्सेज (Doctorate Courses) भी उपलब्ध हैं | जिसमें एमफिल (MPhil) में एनशियेंट इंडियन हिस्ट्री, कल्चर एंड आर्कियोलॉजी एक अच्छा विकल्प है और पीएचडी में एनशियेंट इंडियन हिस्ट्री, कल्चर एंड आर्कियोलॉजी एक बेहतर विकल्प है |

सैलरी पैकेज (Salary Package)

इस फील्ड में अपना करियर (Career) की शुरूआत करने पर एवरेज 3 से 4 लाख का सैलरी पैकेज (Salary Package) मिलता है और कुछ वर्षों के वर्क एक्सपीरियंस (Experience) के पश्चात् हाईली क्वालिफाइड से उत्तीर्ण होने पर 5 से 8 लाख का सैलरी पैकेज (Salary Package) कमाया जा सकता है |

इसके बाद, इन पेशेवरों की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन (Educational Qualification), वर्क स्पेशलाइजेशन, स्किल्स (Skills) और टैलेंट (Talent) के अनुसार भी इनकी सैलरी निर्धारित होती है और लगातार बढ़ती जाती है |

बता दें कि किसी सरकारी विभाग में सीनियर आर्कियोलॉजिस्ट (Senior Archaeologist) और सीनियर पालिओंटोलॉजिस्ट को एवरेज 10 लाख रुपये सालाना पैकेज मिलता है | इसी प्रकार, विभिन्न लेक्चरर्स और प्रोफेसर्स (Professors) को आमतौर पर 6 से 15 लाख रुपये तक का सैलरी पैकेज (Salary Package) मिलता है |