रेलवे में टीटी या टीसी कैसे बनें

नमस्कार दोस्तों! careerinhindi.com में आपका स्वागत है। हमारे आज के इस पोस्ट “रेलवे में टीटी या टीसी कैसे बनें” के जरिये हम आपको बतायेंगे कि रेलवे में टीसी/टीटीई कैसे बने और इसमें करियर कैसे बना सकते है। दोस्तों, सम्पूर्ण जानकारी के लिए पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े।

रेलवे में नौकरी आकर्षक करियर में से एक है। अभी के दौर में यह पसंदीदा पेशे में से एक है। तो आइए टीसी/टीटीई बनने के बारें में विस्तार से जानते हैं ।

रेलवे में टीटी या टीसी कैसे बनें

रेलवे में टीटी या टीसी कैसे बनें
रेलवे में टीटी या टीसी कैसे बनें

रेलवे में टीसी और टीटीई  कौन होते हैं ?

टिकट कलेक्टर (टीसी) रेलवे में वैध टिकट और कम टिकट वाले यात्रियों के लिए यात्रियों की जांच करते हैं। वे प्लेटफार्मों पर तैनात होते हैं। वहीँ दूसरी ओर ट्रेन टिकट परीक्षक, टीटीई यह सुनिश्चित करते हैं कि सीटें आरक्षण वाले यात्रियों को ठीक से आवंटित हों, और ट्रेन में टिकट के हिसाब से ही यात्री हों।

टीसी/टीटीई बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए ?

दोस्तों टीसी (टिकट कलेक्टर)/ ट्रेन टिकट परीक्षक (टीटीई) बनने के लिए आपको रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा हर साल आयोजित होने वाली टीटीई परीक्षा के लिए आवेदन करना होगा। आपका किसी भी स्ट्रीम में मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 12 वीं कक्षा न्यूनतम 50% प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। आपकी उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सरकार के मानदंडों के अनुसार एससी/एसटी को उम्र में छूट भी प्रदान की जाती है। साथ ही आपका भारत का नागरिक होना भी अनिवार्य है।

टिकट कलेक्टर/ ट्रेन टिकट एग्जामिनर की क्या जिम्मेदारी होती है ?

रेलवे टिकट परीक्षक यात्रियों के साथ सीधे संपर्क में आने वाले भारतीय रेलवे के अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों में से एक होते है। टिकट कलेक्टर की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल हैं आरक्षित कोच का प्रभार, यात्रियों को मार्गदर्शन देना, आरक्षित या अनारक्षित डिब्बों में या स्टेशन के प्लेटफार्म पर टिकटों की जाँच करना, रेलवे स्टेशन पर पूछताछ काउंटर का मैनिंग (प्रभारी होना ) तथा ड्यूटी के दौरान निर्धारित किसी अन्य कार्य के रूप में प्रभार लेना ।

टिकट कलेक्टर के तौर पर करियर में और क्या संभावनाएं हैं ?

एक टीसी के तौर करियर में पदोन्नति की कई संभावनाएं हैं। आप वरिष्ठ टिकट कलेक्टर / यात्रा टिकट परीक्षक, हेड टिकट कलेक्टर / वरिष्ठ यात्रा टिकट परीक्षक, यात्रा टिकट निरीक्षक / कंडक्टर तथा मुख्य टिकट निरीक्षक आदि पदोन्नति के जरिये बन सकते है।

टीसी/टीटीई बनने की चयन प्रक्रिया क्या है ?

दोस्तों, आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवार को लिखित परीक्षा के लिए उपस्थित होना होगा। लिखित परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्न होते हैं, जिसमें मात्रात्मक रूझान, तर्क और गणित, सामान्य अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान आदि के प्रश्न पूछे जाते हैं। लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। यह चयन प्रक्रिया का अंतिम चरण है। यह परीक्षा एक विशेष आरआरबी द्वारा आयोजित नहीं की जाती है रेलवे टिकट परीक्षक भर्ती का आयोजन तब किया जाता है जब रेलवे में टिकट कलेक्टर की नौकरियों की आवश्यकता होती है। भारतीय रेलवे में यात्रा टिकट निरीक्षक एक समूह ‘सी’ स्तर का पद है।

टीसी/टीटीई  का वेतनमान कितना होता है ?

एक टीसी या टीटी को वेतन रु 5,200- रु 20,200+ रु 1,800 ग्रेड पे स्केल पर मिलता है।

हमें उम्मीद है कि इस पोस्ट के जरिये आपको एक टीसी/टीटीई के रूप में अपने करियर को निखारने में अवश्य ही मदद मिलेगी। इसी तरह की अन्य करियर संबंधित जानकारी पढ़ने के लिए  हमें  सोशल  मीडिया पर फ़ॉलो करें  Facebook – Youtube  इस पोस्ट से जुड़ी किसी भी अन्य जानकारी के लिए आप हमसे कमेंट के माध्यम से संपर्क कर सकते है । धन्यवाद !